प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ वार्ता की। बैठक के दौरान भारत और ऑस्ट्रिया ने कई समझौतों और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। इनमें खाद्य सुरक्षा से जुड़ा समझौता ज्ञापन, सहयोग और सैन्य मामलों तथा आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त कार्य समूह से जुड़े आशय पत्र शामिल हैं। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया अवसंरचना और नवाचार में भरोसेमंद सहभागी रहे है।
श्री मोदी ने श्री स्टॉकर द्वारा यूरोप से बाहर अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्री स्टॉकर के दृष्टिकोण तथा दोनों देशों के बीच रिश्तों की वचनबद्धता को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी गति और व्यापकता के साथ ऑस्ट्रिया की विशेषज्ञता को मिलाकर दुनिया के लिए विश्वसनीय प्रौद्योगिकी सुनिश्चित कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिभा के पास ऑस्ट्रिया के नवाचार और उत्पादकता को मजबूती देने की क्षमता है।
श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच युवा संपर्क को बढ़ावा देने के लिए भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और जैव प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी सुदृढ़ करेंगे।
ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत की अपनी यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रिया और भारत के बीच राजनयिक संबंध पहले से भी अधिक मजबूत हैं।
इससे पहले श्री स्टॉकर और उनकी पत्नी गेरदा स्टॉकर लेगेनस्टाइन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। श्री स्टॉकर की यह पहली भारत और पहली आधिकारिक एशिया यात्रा है।