अप्रैल 10, 2026 2:18 अपराह्न

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जाति जनगणना पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका सर्वोच्च न्यायालय ने की खारिज

सर्वोच्च न्यायालय ने जाति जनगणना पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका को आज खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ती सूर्यकांत, न्यायामूर्ति जॉय माल्या बागची और न्यायामूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिका खारिज कर दी। इसमें एक बच्चे वाले परिवारों को आर्थिक प्रोत्साहन देने से जुड़ी नीतियां बनाने के लिए भी केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई थी।

2 फरवरी को शीर्ष अदालत ने 2027 की जनगणना में नागरिकों के जातिगत आंकड़ें के रिकॉर्ड, वर्गीकरण और सत्‍यापन के लिए अपनाई जाने वाली पद्धति पर किए गए सवाल से जुड़ी एक जनहित याचिका पर भी सुनवाई से इंकार कर दिया था। 2027 जनगणना 16वीं राष्ट्रीय जनगणना है। इसमें 1931 के बाद पहली बार व्यापक जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा और ये देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी।