भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने कहा है कि जलवायु, वायु प्रदूषण और मौसम की निगरानी संबंधी अध्ययन के लिए डिजाइन किए गए जी-20 उपग्रह को 2027 में प्रक्षेपित किए जाने की आशा है। उन्होंने कहा कि भारत एक रॉकेट का प्रयोग करके बिना किसी टकराव के सौ से अधिक उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने में सफल रहने वाला पहला देश है।
डॉ. नारायणन ने हैदराबाद में कल इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन, इसरो और एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि जी-20 देशों के लिए जी-20 उपग्रह को प्रक्षेपित करने में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डॉ. नारायणन ने कहा कि इसरो वर्ष 2040 तक चांद पर मानव को भेजने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इसरो वर्ष 2040 तक इसे करने में सफल रहता है, तो भारत प्रक्षेपण प्रौद्योगिकी, उपग्रह प्रौद्योगिकी, अनुप्रयोग क्षेत्र और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के संदर्भ में अंतरिक्ष यात्रा करने वाले अन्य राष्ट्रों की श्रेणी में आ जाएगा।
डॉ. नारायणन ने बताया कि इसरो गहरे महासागर के मिशन की परियोजना समुद्रयान के लिए दो दशमलव दो मीटर व्यास और 100 मिलिमीटर मोटाई वाली टाइटेनियम नाव बनाने की प्रक्रिया में है।