अप्रैल 7, 2026 2:13 अपराह्न

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राष्ट्र की वास्‍तविक शक्ति उसके नागरिकों के ज्ञान, मूल्यों और क्षमताओं में निहित होती है: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र की वास्‍तविक शक्ति उसके नागरिकों के ज्ञान, मूल्यों और क्षमताओं में निहित होती है। वे आज नई दिल्‍ली में इन्दिरा गांधी राष्‍ट्रीय मुक्‍त विश्‍वविद्यालय (इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि इग्‍नू जैसे संस्थान अपने क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से व्यावसायिक प्रमाणन और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके राष्ट्रीय कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि ऐसे प्रयास 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होंगे।

श्री राधाकृष्णन ने कहा कि इग्नू ने सुलभ शिक्षा के माध्यम से पूरे देश को जोड़कर शिक्षा क्षेत्र के परिदृश्य को बदल दिया है। उन्‍होंने इग्नू को राष्ट्र के मुक्त और दूरस्थ शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का स्तंभ बताते हुए कहा कि विश्‍वविद्यालय ने शिक्षा को सुलभ बनाया है।

जीवन के शुरुआती वर्षों में शिक्षा के अवसरों की कमी का सामना करने वाले लोगों के लिए यह विश्‍वविद्यालय वरदान साबित हुआ है।

उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कामकाजी व्यक्तियों, ग्रामीण आबादी, आर्थिक रूप से वंचित समूहों और महिलाओं तक उच्च शिक्षा पहुंचाकर एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि आज दीक्षांत समारोह में तीन लाख 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्नातकों में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं, और इनमें से काफी संख्या में ग्रामीण और हाशिए पर स्थित पृष्ठभूमि से हैं।