विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आकाशवाणी और यूनेस्को द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर के एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया।
इस वर्ष विश्व रेडियो दिवस की थीम “रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस” है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी सूचना, शिक्षा और स्वस्थ मनोरंजन देने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों और किसानों के लिए इसकी विशेष भूमिका है। श्री साय ने कहा कि तेज गति से समाचार देने के लिए विभिन्न माध्यमों के बीच हो रही प्रतिस्पर्धा के बीच आकाशवाणी ने विश्वसनीय, संतुलित और जनहितकारी सूचना देने की अपनी परंपरा को कायम रखते हुए एक विशेष पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके रेडियो को किस तरह से और जनपयोगी बनाया जाए, इस पर चिंतन की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी छत्तीसगढ़ में नए एफएम ट्रांसमीटर लगाकर और कुछ मौजूदा ट्रांसमीटरों को अपग्रेड करके अपना एफएम कवरेज बढ़ा रहा है। इस विस्तार के साथ, आकाशवाणी की पहुंच राज्य की लगभग 95 प्रतिशत आबादी तक हो जाएगी।
इस अवसर पर यूनेस्को के संचार और सूचना की क्षेत्रीय सलाहकार, हज़ाज़ माले ने कहा कि रेडियो में सबसे ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचने की बेजोड़ क्षमता है। उन्होंने कहा कि यह अपनी सभी विविधताओं में मानवता को बढ़ाता है। सुश्री माले ने कहा कि रेडियो संचार का सबसे भरोसेमंद माध्यम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि रेडियो को ज़्यादा असरदार और काम का बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे पहले, स्वागत भाषण में आकाशवाणी के महानिदेशक, राजीव जैन ने कहा कि रेडियो सिर्फ़ संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि इसने समाज के पूरे विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने न सिर्फ़ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाकर रखा है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को देश की सामाजिक और आर्थिक तरक्की से भी जोड़ा है।
श्री जैन ने कहा कि 23 भाषाओं और 182 बोलियों के ज़रिए आकाशवाणी देश के दूर-दराज़ के कोनों तक अपनी पहुंच बना चुका है। आकाशवाणी ने स्थानीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि बदलती प्रौद्योगिकी के साथ आकाशवाणी ने भी कई बदलाव किए हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल इस तरह से करने की कोशिश कर रहा है जिससे इसकी विश्वसनीयता और सुनने वालों के साथ इसका गहरा रिश्ता बना रहे।
कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके पर आकाशवाणी की खास यादगार श्रृंखला “स्वाधीनता का जयघोष – वंदे मातरम: भारत की सांस्कृतिक धरोहर – एक संगीतमय यात्रा” के अगले छह म्यूज़िकल गाने डिजिटली रिलीज़ किए गए। इस मौके पर रेडियो की विकास यात्रा को दिखाने वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। कार्यक्रम में दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति, चर्चाएं, विशेषज्ञ पैनल की बातचीत और अलग-अलग थीम वाले सत्र शामिल हैं। समारोह के हिस्से के रूप में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी आयोजित की गई है।
News On AIR | फ़रवरी 13, 2026 6:30 अपराह्न | Akashvani is powerful medium for disseminating information
विश्व रेडियो दिवस पर रायपुर में राष्ट्रीय कार्यक्रम, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ