सितम्बर 24, 2025 1:19 अपराह्न

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वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय ने भारत-ब्रिटेन व्‍यापक आर्थिक और व्‍यापार समझौते में संगोष्‍ठी का आयोजन किया

वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय ने नई दिल्‍ली में भारत-ब्रिटेन व्‍यापक आर्थिक और व्‍यापार समझौते में बौद्धिक संपदा अधिकार अध्‍याय की स्‍पष्‍टता विषय पर संगोष्‍ठी का आयोजन किया। यह संगोष्‍ठी व्‍यापार और निवेश विधि केन्‍द्र के सहयोग से आयोजित की गई। इसमें नीति निर्माताओं, क्षेत्र विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें भारत-ब्रिटेन व्‍यापक आर्थिक और व्‍यापार समझौते की बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रावधानों से जुड़े अवसरों और विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। 
 
 
संगोष्‍ठी में विशेषज्ञों ने कहा कि बौद्धिक संपदा अध्‍याय नवाचार को मजबूती देने और सुलभता सुनिश्चित करने के बीच एक सावधानीपूर्वक संतुलन स्‍थापित करता है। संगोष्‍ठी में इस बात पर भी जोर दिया गया कि प्रावधान भारत के बौद्धिक संपदा ढांचे के आधुनिकीकरण के साथ-साथ जनस्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी सुरक्षा जरूरतों को सुदृढ़ करते हैं।
 
 
समारोह में पेटेंट प्रक्रियाओं के सामंजस्‍य से जुड़ी चिंताओं के समाधान के बारे में भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्‍पष्‍ट किया कि यह प्रक्रिया से जुड़े सुधार हैं, जिससे भारत की विनियामक स्‍वायत्तता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।   
 
 
मंत्रालय ने एक बयान ने कहा है कि भौगोलिक संकेतक – जीआई, अवसर का एक महत्‍वूपर्ण क्षेत्र के रूप में उभर कर आया है। समझौते में ब्रिटेन के बाजार में भारतीय जीआई उत्‍पादों की मजबूत सुरक्षा से जुड़े प्रावधान हैं। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।