उत्तर प्रदेश सरकार ने अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी में लगभग तीन हजार रुपये तक की वृद्धि की घोषणा की है। इस वृद्धि से गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों में लगभग 21% की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने नोएडा में हाल ही में मजदूरी बढाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह निर्णय लिया गया। संशोधित दरें इस महीने की पहली तारीख से लागू हो गई हैं।
सरकार ने 20 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी की खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि यह अंतरिम वृद्धि श्रमिकों की मांगों और उद्योग जगत की चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करती है।
इस बीच, अगले महीने गठित होने वाले वेतन बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर स्थायी न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य सरकार श्रमिकों के बच्चों के स्वास्थ्य, पेंशन और शिक्षा से संबंधित नई कल्याणकारी योजनाओं पर भी विचार कर रही है।