कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मतगणना केंद्रों में पर्यवेक्षकों के रूप में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने अपने फैसले में कहा कि निर्वाचन आयोग के पास राज्य सरकार या केंद्र सरकार से मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक की नियुक्ति करने का अधिकार है।
न्यायालय ने कहा कि केंद्र सरकार या केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना सहायक की नियुक्ति करना अवैध नहीं है। फैसले में कहा गया है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 100 के तहत यदि बाद में यह सिद्ध हो जाता है कि निर्वाचन आयोग के निर्णय से अनुचित लाभ मिला जिसके कारण तृणमूल उम्मीदवार की हार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार से हुई, तो परिणाम को कानूनी रूप से चुनौती दी जा सकती है।