वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान आधार प्रमाणीकरण की संख्या 2,707 करोड़ से अधिक हो गयी है। यह देश में बढ़ते डिजिटल भरोसे को दर्शाता है जो एक बडी उपलब्धि है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि- यूआईडीएआई की प्रमाणीकरण सेवाओं, विशेष रूप से चेहरे के सत्यापन में काफी वृद्धि हुई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा है कि केवल मार्च 2025 में रिकॉर्ड तोड़ 44 करोड़ 63 लाख ई-केवाईसी का काम पूरा हुआ। यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल में, आधार की भूमिका को उजागर करता है।
यूआईडीएआई के प्रयासों और तकनीकी नवाचार को मान्यता देते हुए, प्राधिकरण को हाल ही में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार विशेष रूप से चेहरे के सत्यापन में सफलता के लिए दिया गया था, जिसका उपयोग अब बैंकिंग, दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक वितरण प्रणालियों में किया जा रहा है।