चुनाव से पहले राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त योजनाओं की घोषणा पर रोक लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक को नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि इस याचिका को इसी तरह के मुद्दों पर लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए रखा जाएगा। याचिकाकर्ता ने वित्तीय आंकड़ों का हवाला देते हुए तर्क दिया है कि ऐसी योजनाएं आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं हैं। याचिका में कहा गया है कि सरकारें इन योजनाओं के लिए लगातार कर्ज ले रही हैं। इससे आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
जनहित याचिका में निर्वाचन आयोग को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह राजनीतिक दलों से वित्तीय प्रभाव विवरण के माध्यम से अपनी योजनाओं के वित्तीय प्रभावों का खुलासा करने की अपेक्षा करे। याचिका में निर्वाचन आयोग से यह भी आग्रह किया गया है कि वह इन मानदंडों का पालन न करने वाले दलों के खिलाफ मान्यता रद्द करने सहित कार्रवाई करे।
News On AIR | अप्रैल 20, 2026 3:56 अपराह्न | freebies schemes
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को मुफ्त योजनाओं पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया