विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग दोनों देशों की वैश्विक गतिविधियों का एक मजबूत स्तंभ है। भारत-जापान विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आदान-प्रदान वर्ष के भव्य समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने भारत-जापान की 40 वर्षों की द्विपक्षीय साझेदारी और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।
डॉ. सिंह ने बताया कि हाल की पहलों, जिनमें पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित समझौते भी शामिल हैं, का उद्देश्य अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्योग के क्षेत्र में संबंधों का विस्तार करना है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा सहयोग और आईएसआरओ-जेएएक्सए के संयुक्त चंद्र मिशन (लूपेक्स) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। डॉ. सिंह ने कहा कि जापान की प्रौद्योगिकी और वहां की प्रतिभा अत्याधुनिक अनुसंधान में एक-दूसरे को सशक्त बना सकती हैं। जापान को एक विश्वसनीय साझेदार बताते हुए उन्होंने सतत विकास सहित अग्रणी प्रौद्योगिकियों और वैश्विक चुनौतियों में गहन सहयोग का आह्वान किया।