दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई के लिए निर्धारित समय सीमा तय करते हुए सभी संबंधित विभागों को लोक लेखा समिति (पैक) की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश 31 मार्च 2022 को समाप्त हुए वर्ष के लिए भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर किए गए ऑडिट की पहली रिपोर्ट पर आधारित है।
इसके अंतर्गत सभी विभागों को 31 जुलाई 2026 तक एक कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों का आह्वान किया। श्री गुप्ता ने कहा कि इससे सभी के कल्याण और सामाजिक न्याय को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बजट, स्टाफ और स्वास्थ्य ढांचा इस तरह तैयार होगा कि दिल्ली में रहने वाले और इलाज के लिए आने वाले हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस रिपोर्ट में समिति के निष्कर्षों और सिफारिशों पर व्यापक और समयबद्ध प्रतिक्रिया मांगी गई है। यह रिपोर्ट सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे, सर्विस डिलीवरी सिस्टम और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन की समीक्षा करेगी। इसके अलावा इसमें विभागों द्वारा दिए गए आश्वासनों की स्थिति, प्रत्येक सिफारिश पर हुई प्रगति और उसे पूरा करने की स्पष्ट समय-सीमा का उल्लेख अनिवार्य किया गया है, जिससे इसे विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
News On AIR | अप्रैल 9, 2026 7:30 अपराह्न | delhi vidhan sabha
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की