दिल्ली सरकार ने गोदामों से सीधे एलपीजी सिलिंडर की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंद्ध लगा दिया है। तेल विपणन कंपनियों ने सभी वितरकों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि इस तरह कोई भी बिक्री गैर कानूनी मानी जाएगी और इसपर कड़ी कार्रवाई होगी।
सरकार ने रसोई गैस को आम लोगों के लिए, विशेषकर उनके लिए जिनके पास समुचित पते का प्रमाण नहीं है, अधिक सुलभ बनाने के लिए पूरे शहर में पांच किलो के सिलिंडर की उपलब्धता बढ़ा दी है। प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए हिन्दुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड के बिक्री केन्द्रों पर 11 हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। ये हेल्प डेस्क लोगों को नजदीक के एलपीजी वितरकों की जानकारी देंगे और बताएंगे कि किस तरह आसानी से गैस सिलिंडर लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार रसोई गैस आपूर्ति पर कड़ी नज़र रख रही है। उन्होंने लोगों को गैस एजेंसी या भंडार केन्द्रों तक जाने से मना किया है, क्योंकि बुक किए गए सभी सिलिंडर समय पर सीधे घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली में एलपीजी की आपूर्ति स्थिर रहेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार 4 अप्रैल से दिल्ली में 1 लाख 14 हजार से अधिक एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग हुई है, जबकि 1 लाख 31 हजार सिलिंडरों की आपूर्ति की जा चुकी है।
इससे स्पष्ट है कि लंबित ऑर्डर भी निपटाये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मौजूदा समय में घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति का औसत समय लगभग सवा चार दिन है। जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जिसके हेल्प लाइन नम्बर है- 0 1 1 – 2 3 3 7 9 8 3 6 और 8 3 8 3 8 2 4 6 5 9.