सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने आज नई दिल्ली में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का आयोजन किया। संवाददाताओं से बातचीत में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. निरुपम मदान ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य शिविरों के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाना है। श्री मदान ने कहा कि इस पखवाड़े के तहत महिलाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच, अपना शारीरिक जांच, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, कैंसर और दंत जांच करवा सकती हैं। उन्होनें कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हैप्पीनेस सेशन और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएँगे।
इस अवसर पर न्यूरोलॉजी विभाग की प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने डिमेंशिया और अल्जाइमर रोग के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 88 लाख बुजुर्ग डिमेंशिया से पीड़ित हैं। इनमें से केवल 10 प्रतिशत मरीजों का ही सही से उपचार हो पाता है।
21 सितंबर को मनाए जाने वाले अल्ज़ाइमर दिवस का जिक्र करते हुए डॉ मंजरी ने बताया कि इस वर्ष का विषय है- “डिमेंशिया के बारे में प्रश्न, अल्ज़ाइमर के बारे में प्रश्न”। डॉ मंजरी ने कहा कि शुरुआत में ही उपचार और जीवनशैली में सुधार लाने से डिमेंशिया का खतरा 40 प्रतिशत तक कम हो सकता है। उन्होंने कहा कि डिमेंशिया के खतरे को कम करने के लिए लोगों का सहयोग आवश्यक है।
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