सेना की पश्चिमी कमान ने 1965 के भारत-पााकिस्तान युद्ध में विजय के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज हरियाणा के पंचकुला में चंडीमंदिर में अपना 79वाँ स्थापना दिवस मनाया। पश्चिमी मुख्यालय के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी की ओर से वीर स्मृति युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
यह समारोह राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि थी। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने सभी रैंकों को उनकी निस्वार्थ सेवाओं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तथा हाल ही में पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ राहत अभियानों के दौरान प्रदर्शित उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
पश्चिमी कमान की स्थापना 15 सितंबर 1947 को विभाजन की उथल-पुथल के बीच हुई थी। शुरू में दिल्ली और पूर्वी पंजाब कमान के रूप में स्थापित यह कमान दिल्ली और पंजाब क्षेत्रों की रक्षा के लिए उत्तरदायी थी। 20 जनवरी 1948 को इसका नाम बदलकर पश्चिमी कमान कर दिया गया और इसने जम्मू-कश्मीर में अभियानों की कमान संभाली। अपनी गौरवशाली यात्रा में पश्चिमी कमान के योद्धाओं ने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए 11 परमवीर चक्र, 1 अशोक चक्र और 143 महावीर चक्र सहित अनेक अन्य वीरता पुरस्कार हासिल किये हैं।