प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के मिशन पर है और विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम कर रहा है। उन्होंने आज दोपहर गोलाघाट ज़िले में भारत की पहली बांस-आधारित जैव-रिफाइनरी का उद्घाटन किया।
जैव इथेनॉल संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने गहरे जल ऊर्जा संसाधनों का दोहन करेगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मज़बूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह जैव-इथेनॉल संयंत्र उस लक्ष्य की ओर एक कदम है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में शीर्ष पाँच देशों में शामिल है।
श्री मोदी ने रिफाइनरी में एक पॉलीप्रोपाइलीन इकाई की आधारशिला भी रखी। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने दरंग ज़िले में दरंग मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और जीएनएम स्कूल की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने उसी स्थान से ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी के नारेंगी और दरंग के कुरुवा को जोड़ने वाले एक नए पुल के निर्माण और गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री आज शाम असम में अपने कार्यक्रम समाप्त करने के बाद जोरहाट हवाई अड्डे से कोलकाता के लिए रवाना होंगे। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अन्य गण मान्य व्यक्ति उपस्थित थे।