देश के एक लाख जनजातीय बहुल गांव और टोलों में आज विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस सभा में जनजातीय समुदाय औपचारिक रूप से जनजातीय ग्राम विजन-2030 घोषणा पत्र का अनुमोदन करेंगे। यह कदम जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान के तहत है। आदि कर्मयोगी अभियान विश्व का सबसे बड़ा जनजातीय नेतृत्व कार्यक्रम है जिसमें देश के तीस राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों के ग्यारह करोड़ नागरिक शामिल हैं। सरकार ने पिछले वर्ष 15 नवम्बर से इस वर्ष 15 नवम्बर तक की अवधि को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले महीने की 17 तारीख को आदि कर्मयोगी अभियान और आदि सेवा पर्व का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया था। इसका उद्देश्य आदि सेवा पर्व कार्यक्रम के माध्यम से उत्तरदायी शासन, सामुदायिक भागीदारी और युवा नेतृत्व पर बल देना है। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने बताया कि प्रत्येक गांव में जनसेवा, स्वैच्छिक सेवा को बढ़ावा देने और बहुभाषी संवाद के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आदि-वाणी ऐप के उपयोग के लिए आदि सेवा केन्द्र स्थापित किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर कोने तक पहुंचाने तथा पीएम जनमन और धरती आबा अभियान-2 जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के तहत तालमेल बढ़ाने के लिए बीस लाख से अधिक कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं को आदि कर्मयोगी के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।