केंद्र सरकार ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) और उसके सभी गुटों, शाखाओं और प्रमुख संगठनों पर प्रतिबंध को और 5 साल के लिए बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध 28 सितंबर से 5 साल की अवधि के लिए प्रभावी होगा।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि यह संगठन भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहा है। इसमें कहा गया है कि यह संगठन अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इसने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट, पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक-पीआरईपीएके और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-पीएलए जैसे अन्य गैरकानूनी संगठनों के साथ भी गठजोड़ किया है।