वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो नियमों को भी उसी गति से क्रियान्वित होने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री ने नई दिल्ली में आज विकसित भारत के लिए एआई की रूपरेखा और फ्रंटियर टेक रिपॉजिटरी पर नीति आयोग की रिपोर्ट जारी करते हुए यह बात कही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने एआई के तीव्र विकास को लेकर आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि लोगों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए, लेकिन नैतिकता से पीछे नहीं हटना चाहिए। लोगों के लिए बेहतर शहरों की आवश्यकता पर बल देते हुए केन्द्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि एआई करीब-करीब समाधान प्रदान करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि लोग दशकों से इन समाधानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि विकास लाने के लिए एआई से सहायता प्राप्त प्रौद्योगिकी का भारत के सभी जिलों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.वी.आर सुब्रमण्यम ने भी इस कार्यक्रम में भागीदारी की। केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भविष्य की प्रौद्यौगिकी में महारत हासिल करने और प्रतिभा पाइपलाइन विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विश्व की उथल-पुथल भरी स्थिति से गुजरने का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज के भारत का विकास समावेशी और मजबूत प्रौद्योगिकी के बल पर संभव हुआ है।
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुब्रमण्यम ने प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य के लिए तैयार होने की जरूरत है। सुब्रमण्यम ने कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकियों के बिना देश विकसित भारत नहीं बन सकता है। उन्होंने रुझानों को पहचानने, जागरूकता बढ़ाने और प्रौद्योगिकी रुझानों का लाभ उठाने तथा समय के साथ तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता जताई।