लोकसभा ने 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रण में अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू कर दी है। चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि सरकार अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत एक हजार तीन सौ 37 स्टेशनों में से सिर्फ एक सौ 60 स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य पूरे किए गए हैं। श्री अनवर ने आरोप लगाया कि यात्री सुरक्षा के नाम पर सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही हैं। उन्होंने रेलवे में रोजगार की कमी पर भी चिंता व्यक्त की। श्री अनवर ने दावा किया कि 2010-11 में रेलवे में कुल 13 लाख 28 कर्मचारी थे, जो अब घटकर 11 लाख 72 हजार रह गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के गणेश सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में रेलवे में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकी की शुरुआत हुई है तथा रेलवे नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि 2013-14 में रेलवे का बजट सिर्फ 63 हजार करोड़ रुपए ही था, जो अब बढ़कर दो लाख 78 हजार करोड़ रुपए हो गया है। श्री सिंह ने बताया कि 2026-27 में रेलवे की नई लाइन के लिए 36 हजार सात सौ 22 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया गया है। रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए 37 हजार सात सौ 50 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।
तृणमूल कांग्रेस की जून मालिया ने कहा कि रेलवे सिर्फ एक परिवहन प्रणाली नहीं बल्कि यह एक जीवन रेखा है, जो प्रतिदिन लाखों लोगों को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ने रेलवे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में रेलवे के विकास कार्य की गति अन्य कई राज्यों की गति के साथ मेल नहीं खा रही है। सुश्री मालिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल का रेलवे बजट सिर्फ तीन बार बढाया गया है।
तेलुगु देशम पार्टी – टीडीपी के जीएम हरीश बालयोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेलवे अवसंरचना सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में रेलवे के लिए किया गया आवंटन आधुनिकीकरण, विस्तार और नेटवर्क में क्षमता सृजन को दी गई वरीयता को दर्शाता है। श्री बालयोगी ने कहा कि हाल के वर्षों में देश कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का साक्षी बना है। उन्होंने कहा कि उधमपुर, श्रीनगर, बारामुला रेलवे लाइन और नई लाइनों की शुरुआत रेलवे की मुख्य उपलब्धियां हैं।
।