पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए आज पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमरीका और ईरान के बीच वार्ता हो रही है। अमरीका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमरीकी दल इस्लामाबाद में है। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जैरेड कुशनर भी हैं।
श्री वेंस ने पाकिस्तान रवाना होने से पूर्व, आशा व्यक्त की कि बातचीत सकारात्मक रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान भरोसे के साथ बातचीत में शामिल होता है तो अमरीका सहयोग के लिए तैयार है। लेकिन अगर ईरान अमरीका पर शर्तें थोपना चाहेगा, तो अमरीका इसे स्वीकार नहीं करेगा।
बैठक में ईरान का प्रतिनिधित्व संसद के स्पीकर बागेर गालिबाफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति पर अमल होना बाकी है। इनमें लेबनान में संघर्ष विराम और ईरान की ब्लॉक की गई परिसंपत्ति को बातचीत से पहले जारी करना शामिल हैं। श्री गलिबाफ ने कहा कि बातचीत से पहले इन दोनों मुद्दों का समाधान ज़रूरी है।
दोनों पक्षों के बीच ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के खोलने पर बातचीत होनी है। ईरान यह भी चाहता है कि उसे अमरीका इस बात की गारंटी दे कि संघर्षविराम समाप्त होने के बाद भी ईरान के प्रति फिर कभी शत्रुतापर्ण रवैया नहीं अपनाया जाएगा।
ईरान ने 10-सूत्री मांगें रखी हैं जिनमें होर्मुज पर नियंत्रण, खाड़ी क्षेत्र के अमरीकी अड्डों से सैनिकों की वापसी, यूरेनियम संवर्धन के ईरान के अधिकार और लेबनान में हिज़बुल्ला पर इस्राएल के हमले को रोकना शामिल हैं।
इससे पहले, अमरीका ने 15-सूत्री प्रस्ताव रखा था जिनमें परमाणु और मिसाइल प्रतिबंध के अलावा समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था।