मई 1, 2026 1:57 अपराह्न

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अमरीका ने भारत को लौटाए लगभग 14 मिलियन डॉलर मूल्य के 657 पुरावशेष

अमरीका ने भारत को लगभग 14 मिलियन डॉलर मूल्य के 657 पुरावशेष लौटाए हैं। मैनहट्टन जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने इसकी घोषणा की। न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास की महावाणिज्यदूत राजलक्ष्मी कदम की उपस्थिति में एक कार्यक्रम में इन कलाकृतियों को लौटाया गया। तस्करी नेटवर्क की कई जांचों के बाद ये कलाकृतियां बरामद की गईं।

श्री ब्रैग ने कहा कि भारत में तस्करी नेटवर्क सांस्कृतिक विरासत को बड़े पैमाने पर निशाना बनाते है। 600 से अधिक कलाकृतियों की वापसी से यह बात स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि चोरी की गई कलाकृतियों को भारत वापस लाने के लिए अभी और काम करना बाकी है। उन्होंने निरंतर प्रयासों के लिए अपनी टीम को धन्यवाद दिया।

न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत बिनय प्रधान ने मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय, अमरीका के गृह सुरक्षा विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निरंतर सहयोग की सराहना की। इन सभी की निरंतर सतर्कता ने ही सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृतियों की बरामदगी और वापसी को संभव बनाया।

लौटाई गई वस्तुओं में दो मिलियन डॉलर की कांस्य प्रतिमा ‘अवलोकितेश्वर’ शामिल है। अवलोकितेश्वर प्रतिमा 1939 में लक्ष्मण मंदिर के पास खोजी गई थी और 1952 तक रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में रखी गई थी। यह प्रतिमा संग्रहालय से चोरी हो गई थी और 1982 में अमरीका में तस्करी कर दी गई थी। इन कलाकृतियों में वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश के एक मंदिर से चुराई गई नृत्य करते भगवान गणेश की बलुआ पत्थर की प्रतिमा भी शामिल है।