राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज संथाली भाषा की ओल चिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मु की जयंती पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्रीमती मुर्मु ने कहा कि पंडित मुर्मु की दूरदर्शिता और रचनात्मकता ने संथाली भाषा को एक नई पहचान दी।
उन्होंने कहा कि ओल चिकी लिपि ने संथाली भाषा में शिक्षा, साहित्य और अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया और संथाल समुदाय के समग्र विकास को गति प्रदान की।
राष्ट्रपति ने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने और देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लेने का आग्रह किया। इसके साथ ही एक विकसित और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान देने की बात भी कही।