केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में उत्तरी क्षेत्र कृषि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्रालय सभी राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि कृषि के लिए सामूहिक रूप से राज्यवार रोडमैप तैयार किया जाएगा और यह सम्मेलन इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान पहचान पत्र से किसान 17 प्रकार की सुविधाएं ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रयोगशालाओं और खेतों के बीच की दूरी को कम करने के लिए विकसित भारत कृषि अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के माध्यम से सरकार 60 हजार से अधिक गांवों तक पहुंच चुकी है और आधुनिक अनुसंधान, नई प्रौद्योगिकियां तथा व्यावहारिक समाधान किसानों तक पहुंचा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन के लिए योजना को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के लिए क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। पहले, देश भर में इसके लिए दिल्ली में एक ही सम्मेलन आयोजित किया जाता था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्र हैं और इन क्षेत्रों में सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन करने से व्यावाहारिक परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं के परिणामों को अब सीधे खेतों में सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन पहलों को आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता है।
इस सम्मेलन में विषयगत सत्रों के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अवसंरचना कोष, बागवानी की अपार क्षमता, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन और डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री जैसे प्रमुख विषयों पर गहन समीक्षा और चर्चा होगी।