खान मंत्रालय ने महत्वपूर्ण खनिज पुनर्चक्रण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 58 कंपनियों को भागीदारी के लिए पात्र घोषित किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह भारत की खनिज सुरक्षा और चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
खनिजों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने वाली प्रोत्साहन योजना का कुल परिव्यय 15 हजार करोड़ रुपये है, जो राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के अंतर्गत पिछले वर्ष 2 अक्टूबर को अधिसूचित की गई थी। इस योजना का उद्देश्य लिथियम-आयन बैटरी, ई-कचरे और औद्योगिक स्क्रैप से महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। मंत्रालय ने कहा कि योजना का अगला चरण परियोजना को लागू करना है, जिसमें योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र संस्थाओं से क्षमता विकास और उत्पादन प्रारंभ करवाने पर विचार किया जाएगा।