मई 4, 2026 12:59 अपराह्न

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झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरना धार्मिक संहिता की मांग उठाते हुए 2027 की जनगणना में इसे शामिल करने का आग्रह किया

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर अलग से सरना धार्मिक संहिता की मांग उठाते हुए 2027 की जनगणना में इसे शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को पत्र लिखे हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे को जनजातीय वर्ग की आस्था, पहचान और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि समाज की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संरचना को समझने का एक महत्वपूर्ण साधन है। मुख्यमंत्री ने झारखंड विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव का भी उल्लेख किया और इसे राज्य की सामूहिक भावना का प्रतिबिंब बताया। 2011 की जनगणना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अलग संहिता न होने के बावजूद, 21 राज्य में 50 लाख लोगों ने स्वेच्छा से सरना को अपना धर्म बताया था।