केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज कहा कि खेलों में भारत का भविष्य खिलाड़ियों, संघों और सरकारों के बीच मजबूत समन्वय पर निर्भर करता है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय खेल संघ सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए कही। डॉ. मांडविया ने कहा कि यह सम्मेलन राष्ट्रमंडल खेल 2026, एशियाई खेल 2026 और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 2028 सहित आगामी वैश्विक खेल आयोजनों के लिए भारत की तैयारियों की दिशा में एक समन्वित कदम है। उन्होंने जागरूकता, शिक्षा और सख्त कानूनी उपायों द्वारा भारतीय खेल व्यवस्था से डोपिंग खत्म करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर भी दोहराई।
डॉक्टर मांडविया ने संघों, प्रशिक्षकों और सहायक कर्मचारियों से देश में स्वच्छ और पारदर्शी खेल संस्कृति के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
इस सम्मेलन में भारत के विकसित हो रहे खेल संबंधी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें खेलो इंडिया मिशन मेडल रणनीति, खेल सामग्री निर्माण को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक फिटनेस प्रोटोकॉल और एथलीट मूल्यांकन, डोपिंग विरोधी कानूनों को मजबूत करना और राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल संघों के लिए तकनीकी हस्तक्षेप शामिल हैं।