अप्रैल 20, 2026 8:20 अपराह्न | Raw Jute

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कच्चे जूट पर सख्ती: सरकार ने स्टॉक सीमा शून्य की, जमाखोरी पर रोक

सरकार ने कच्चे जूट व्यापारियों के लिए जूट स्टॉक सीमा को घटाकर शून्य कर दिया है। उचित वितरण सुनिश्चित करने और जमाखोरी या सट्टेबाजी को रोकने के लिए स्टॉक सीमा में यह संशोधन किया गया है। संशोधित दरों के अंतर्गत परिसर में जूट के गठ्ठे बनाने की मशीन रखने वाले और जूट आयुक्त कार्यालय में पंजीकृत कच्चे जूट गठ्ठे बनाने वालों और अन्य स्टॉक रखने वालों के लिए स्टॉक सीमा अब शून्य होगी। वस्त्र मंत्रालय ने सूचित किया कि कच्चे जूट व्यापारी और गठ्ठे बनाने वाले अपना पूरा स्टॉक जूट मिलों को बेचेंगे।

मंत्रालय ने कहा है कि सभी स्टॉक रखने वाली संस्थाओं को जूट स्मार्ट पोर्टल पर हर पखवाड़े जूट स्टॉक की स्थिति घोषित और अपडेट करना अनिवार्य है। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने वाली संस्थाओं को 5 मई तक अपना स्टॉक बेचना होगा और 15 मई तक स्टॉक प्राप्तकर्ताओं को भौतिक रूप से सौंपना होगा। वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य जूट की आपूर्ति को स्थिर करना और देशभर के किसानों, निर्माताओं और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।