अप्रैल 28, 2026 2:29 अपराह्न

printer

सरकार ने कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी को सामाजिक और आर्थिक आवश्यकता बताया

श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी सामाजिक अनिवार्यता और आर्थिक आवश्यकता दोनों है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत के निर्माण का केंद्रबिंदु है। आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए श्रम कानूनों ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को पहली बार औपचारिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम उन्‍हें सामाजिक सुरक्षा देकर उनका आर्थिक भविष्य सुरक्षित करने का प्रयास है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 40 प्रतिशत हो गई है।