श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी सामाजिक अनिवार्यता और आर्थिक आवश्यकता दोनों है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत के निर्माण का केंद्रबिंदु है। आज नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए श्रम कानूनों ने गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को पहली बार औपचारिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम उन्हें सामाजिक सुरक्षा देकर उनका आर्थिक भविष्य सुरक्षित करने का प्रयास है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 40 प्रतिशत हो गई है।
News On AIR | अप्रैल 28, 2026 2:29 अपराह्न
सरकार ने कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी को सामाजिक और आर्थिक आवश्यकता बताया