मई 9, 2026 7:21 अपराह्न

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दिल्ली सरकार का पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, सेंट्रल रिज क्षेत्र के 673 हेक्टेयर को आरक्षित वन घोषित किया

राजधानी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली सरकार ने सेंट्रल रिज क्षेत्र के लगभग 673 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित कर दिया है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा-20 के अंतर्गत इस क्षेत्र को यह दर्जा दिया गया है। यह क्षेत्र सरदार पटेल मार्ग और राष्ट्रपति भवन एस्टेट के आसपास स्थित है।

दिल्ली की मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली रिज, प्राचीन अरावली पर्वतमाला का हिस्सा है, जिसे राजधानी का ग्रीन लंग्स भी कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिज क्षेत्र वायु गुणवत्ता सुधारने, भूजल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आरक्षित वन घोषित किए गए रिज क्षेत्रों में नीम, पीपल, शीशम, जामुन, इमली और आम जैसे देसी तथा पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के वृक्ष बड़े स्तर पर लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे पहले दक्षिणी रिज के लगभग 4 हजार 80 हेक्टेयर क्षेत्र को भी आरक्षित वन घोषित किया जा चुका है। अब तक दिल्ली में कुल 4 हजार 754 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को आरक्षित वन का दर्जा मिल चुका है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के अन्य रिज क्षेत्रों को भी जल्द आरक्षित वन घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अतिक्रमण और पर्यावरणीय क्षरण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।