इस्पात मंत्रालय ने कहा है कि पिछले वित्त वर्ष में इस्पात क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन किया, जिससे विश्व के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई। मंत्रालय ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग और बढ़ते अवसंरचनात्मक कार्यों के कारण उत्पादन, खपत और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश का कच्चा इस्पात उत्पादन 2025-26 के दौरान 10 दशमलव 7 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 168 मिलियन टन हो गया है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि में तैयार इस्पात का निर्यात 35 दशमलव 9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6 मिलियन टन से अधिक हो गया। इस्पात के आयात में 31 दशमलव 7 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई। वित्त वर्ष 2025-26 में देश की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 22 करोड़ टन रही। वर्ष 2030 तक इसके 3 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है।
News On AIR | अप्रैल 8, 2026 6:24 अपराह्न | country's crude steel production
देश का कच्चा इस्पात उत्पादन 2025-26 के दौरान 10.7 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 168 मिलियन टन