सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा के खिलाफ कथित झूठे बयानों से संबंधित जालसाजी और मानहानि मामले में अग्रिम जमानत दे दी।
एक आदेश में न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने श्री खेरा को कुछ शर्तों के अधीन अग्रिम जमानत दी है। अदालत ने कल इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सर्वोच्च न्यायाल ने कहा कि मामले में आरोप और प्रत्यारोप प्रथम दृष्टया राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और प्रतिद्वंद्विता से प्रभावित लगते हैं। न्यायालय ने कहा कि आरोपों की सत्यता की जांच कार्यवाही के दौरान की जा सकती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उसकी टिप्पणियां केवल जमानत याचिका पर निर्णय के लिए हैं और यह मामले के गुण-दोष को प्रभावित नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि मामले का निर्णय कानून के अनुसार स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने पिछले महीने गुवाहाटी उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। असम पुलिस ने मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ कई पासपोर्ट रखने और विदेश में अघोषित संपत्ति होने के कथित रूप से झूठे आरोप में श्री खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।