सरकार ने बढ़ते तापमान और लू के प्रतिकूल प्रभावों से कामगारों ओर मजदूरों को बचाने के लिए राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को राष्ट्रव्यापी परामर्श जारी किया है। राज्यों को सलाह दी गई है कि सुरक्षा उपायों के तत्काल कार्यान्वयन के लिए कर्मियों, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी करे।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों से कहा है कि वे पर्याप्त पेयजल सुविधाएं सुनिश्चित करें तथा विश्राम स्थलों और कार्यस्थलों को ठंडा रखने का प्रावधान करें। कामगारों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय रखने को भी कहा गया है। निर्माण के काम में लगे कामगारों, दिहाडी मजदूरों और अस्थायी मजदूरों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम और श्रम कल्याण महानिदेशक से कहा गया है कि लू के मामलों के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएं। इसके अलावा ओआरएस, आईस पैक और अन्य रोकथाम सामग्रियों के पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। मंत्रालय ने सभी संगठनों से इस संबंध में की गई कार्रवाई और उपायों के बारे में हर 15 दिन में स्थिति रिपोर्ट जमा करने का कहा है।