केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 37,500 करोड रुपये की लागत से कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के लिये संवर्द्धन योजना मंजूर की है। केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि यह योजना भारत के कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण कार्यक्रम को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना का उद्देश्य लगभग 7.50 करोड टन कोयले और लिग्नाइट के गैसीकरण के लिए सिन्गैस और संबंधित उत्पादन के लिए नई कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अनुमानित निवेश तीन लाख करोड रुपये का होगा।
श्री वैष्णव ने कहा कि संयंत्र और मशीनरी की लागत के अधिकतम 20% के बराबर वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा तथा चयन पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से केवल खनन से प्रतिवर्ष 6,300 करोड रुपये का राजस्व सृजित होगा। यह मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल को भी सशक्त करेगी। श्री वैष्णव ने कहा कि इस योजना से कोयला बहुल क्षेत्रों में पचास हजार रोजगार सृजित होने की आशा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोयला-लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की संवर्धन योजना से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, निवेश को बढावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार सृजित होगा।