रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ रहा है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन मंथन 2025 के उद्घाटन सत्र में कही। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब प्रयास और कार्य राष्ट्र हित के अनुरूप होंगे, तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा संपदा सेवा के अधिकारियों से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप, छावनी परिषदों को स्मार्ट, हरित और टिकाऊ शहरी व्यवस्था के रूप में विकसित करने का प्रयास करने और वर्ष 2035 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों के सहयोग से भारतीय रक्षा संपदा सेवा 18 लाख एकड़ से अधिक रक्षा भूमि का प्रबंधन कर रही है। उन्होंने सेवा वितरण को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए प्रणालियों और प्रक्रियाओं को निरंतर उन्नत करके छावनियों को आधुनिक शहरों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट विद्युत प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड, इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केन्द्र, स्मार्ट अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्र और आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस आधारित निगरानी प्रणालियाँ स्थापित की जानी चाहिए।
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा संपदा महानिदेशालय के इस सम्मेलन का विषय विकसित भारत@2047 के लिए महत्वपूर्ण रूपरेखा है।