पश्चिम बंगाल में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले की सुनवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ करेगी।
इससे पहले, न्यायमूर्ति राजा शेखर मंथा और न्यायमूर्ति राय चट्टोपाध्याय ने 11 मई को इस मामले से खुद को अलग कर लिया था। इसमें एकमात्र दोषी संजय रॉय को जनवरी 2025 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई कर रही है। जांच एजेंसी ने संजय राय को मौत की सजा की मांग की थी, जबकि उसने अपनी रिहाई की गुहार लगाई थी।
पीड़िता के माता-पिता ने इस मामले की दोबारा जांच की मांग की है। मृतक के माता-पिता ने कोलकाता के सियालदह न्यायालय में एक मामला दायर किया है, जिसमें उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष, संजीव मुखोपाध्याय और तत्कालीन घोला पुलिस थाना के प्रभारी की गिरफ्तारी की अपील की है।
पीड़िता के माता-पिता ने शिकायत की है कि तीनों व्यक्तियों ने पीडि़ता डॉक्टर के शव के दूसरे पोस्टमार्टम में बाधा डाली और उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।