दूरसंचार विभाग ने भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों में सहयोग के लिए ब्रिक्स कार्य समूह की दूसरी बैठक आयोजित की।
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों की डिजिटल प्रौद्योगिकी, भविष्य के नेटवर्क, नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और सतत तथा समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाकर आईसीटी क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने पर विचार-विमर्श किया गया।
संचार मंत्रालय के अनुसार, चर्चा का मुख्य केंद्र डिजिटल विभाजन को पाटने, नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल सुगमता बढ़ाने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में किफायती संपर्क सुनिश्चित करने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना था।
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स की इस बैठक का विषय – सुगमता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ था। इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक के तहत ब्रिक्स क्षमता निर्माण केंद्रों पर भारत द्वारा एक ‘कॉन्सेप्ट नोट’ की प्रस्तुति थी।
इस पहल का उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच उभरती डिजिटल और दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास, जानकारी प्रदान करने, तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग और क्षमता विकास के लिए सहयोगात्मक संस्थागत तंत्र स्थापित करना है।