केरल: यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 99 सीटों पर हासिल की शानदार जीत ,सत्ता में निर्णायक वापसी का संकेत

केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट – यूडीएफ ने 99 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है, जो सत्ता में उसकी निर्णायक वापसी का संकेत है। कांग्रेस ने 63 सीटें जीती हैं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-आईयूएमएल ने 22 सीटें जीत ली हैं। पूरे राज्य में गठबंधन की स्थिति मजबूत है। केरल कांग्रेस के गुटों और छोटे सहयोगी दलों सहित अन्य यूडीएफ सहयोगियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है, जो गठबंधन के लिए व्यापक जनादेश को रेखांकित करता है।

सभी 140 सीटों के परिणाम अब उपलब्ध हैं। सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्‍युनिष्‍ट पार्टी-सीपीआईएम ने 25 सीटें जीती हैं और एक सीट पर आगे चल रही हैं, सहयोगी भारतीय कम्‍युनिष्‍ट पार्टी – सीपीआई ने 8 सीटें जीती हैं, जबकि केरल कांग्रेस को 7 सीटें मिली हैं।

 नवीनतम परिणामों के अनुसार, मार्क्सवादी कम्‍युनिष्‍ट पार्टी के उम्‍मीदवार और मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के वी. पी. अब्दुल रशीद को उन्नीस हजार से अधिक वोटों से हराया है। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर नीमन निर्वाचन क्षेत्र में राज्य शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ CPIM नेता वी. शिवनकुट्टी को चार हजार से अधिक वोटों से हराया है। कंजीरापल्ली निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के रोनी के बेबी ने केरल कांग्रेस (एम) के डॉ. एन जयराज को पांच हजार से अधिक वोटों से हराया।

पलक्कड़ में कांग्रेस उम्मीदवार रमेश पिशारोडी ने वरिष्ठ भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन को तेरह हजार से अधिक वोटों से हराया। वहीं पेरावूर निर्वाचन क्षेत्र में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पूर्व राज्य स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा को चौदह हजार से अधिक वोटों से हराया।

त्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के राजन जे पल्लन ने सीपीआईएम के अलंकोड लीलाकृष्णन और भाजपा की पद्मजा वेणुगोपाल को हराया। वहीं एक अन्य कांग्रेस नेता, अधिवक्ता चांडी ओमन ने पुथुप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। ​​कांग्रेस के मौजूदा विधायक और पूर्व विपक्ष नेता रमेश चेन्निथला ने हरिपाद निर्वाचन क्षेत्र से 23 हजार 337 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। वहीं सीपीआईएम ने अलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में 8 हजार 5 सौ से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जहां सीपीआईएम के टी एम शशि ने जीत दर्ज की।

 मंजेश्वर निर्वाचन क्षेत्र में आईयूएमएल के ए के एम अशरफ ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को 29 हजार से अधिक वोटों से हराया। वहीं परवूर में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वी डी सतीशान आगे चल रहे हैं। अंबलप्पुझा में पूर्व एलडीएफ मंत्री और वर्तमान में यूडीएफ के बैनर तले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे जी सुधाकरन ने सीपीआईएम के एच सलाम को 27 हजार से अधिक वोटों से हराया।

वहीं कझाक्कोट्टम निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता वी मुरलीधरन ने सीपीआईएम के कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन को मात्र 428 वोटों से हराया।

पलक्कड़ में, कांग्रेस उम्मीदवार रमेश पिशारोडी ने वरिष्ठ भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन को तेरह हजार से अधिक वोटों से हराया। वहीं, पेरावूर निर्वाचन क्षेत्र में, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ, राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा से बारह हजार से अधिक वोटों से आगे हैं।

त्रिशूर निर्वाचन क्षेत्र में, कांग्रेस के राजन जे. पल्लन ने सीपीआईएम के अलंकोड लीलाकृष्णन और भाजपा की पद्मजा वेणुगोपाल को हराया है। वहीं, एक अन्य कांग्रेस नेता, अधिवक्ता चांडी ओमन ने पुथुप्पल्ली निर्वाचन क्षेत्र पर जीत का दावा किया है। कांग्रेस के मौजूदा विधायक और पूर्व विपक्षी नेता रमेश चेन्निथला ने हरिपद निर्वाचन क्षेत्र से 23 हजार 337 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। जबकि सीपीआईएम ने अलाथुर निर्वाचन क्षेत्र जीता है, जहां सीपीआईएम के टी एम ससी ने साढे आठ हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है।

मंजेश्वर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन, ए. के. एम. अशरफ से पीछे चल रहे हैं। वहीं, परवूर में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वी. डी. सतीशान आगे चल रहे हैं। अंबलप्पुझा में, पूर्व एलडीएफ मंत्री और वर्तमान में यूडीएफ के बैनर तले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे जी. सुधाकरन, सीपीआईएम उम्मीदवार एच. सलाम से 27 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, कझाक्कोट्टम निर्वाचन क्षेत्र में, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता वी. मुरलीधरन, मौजूदा विधायक और पूर्व प्रदेश मंत्री तथा सीपीआईएम नेता कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन से चार सौ वोटों की बढ़त पर हैं।