मई 12, 2026 9:40 अपराह्न

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एम्स को चिकित्सा नवाचार का प्रमुख केंद्र बताया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि नई दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्‍स चिकित्सा नवाचार और स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता के क्षेत्र में देश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एम्‍स के 51वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्‍स ने किफायती दरों पर रोगी देखभाल और आधुनिक चिकित्सा के उच्चतम मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने की क्षमता से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तक एम्‍स ब्रांड पूरे भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में विश्वास और ईमानदारी का पर्याय बन गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्‍स अब स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा में वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि क्‍यूएस विश्‍व रैकिंग में एम्‍स मात्र दो वर्षों में 40 पायदान ऊपर चढ़कर  105वें स्थान पहुंच गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान जल्द ही शीर्ष 100 में शामिल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में एम्स संस्थानों के विस्तार पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे कम सुविधा वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उपराष्‍ट्रपति ने चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच में सुधार के लिए देशभर में अधिक मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रयासों की भी सराहना की।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि एम्‍स नई दिल्ली एक संस्थान के साथ – साथ स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र स्‍थापित ब्रांड भी है। यह चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल और अनुसंधान के अग्रणी संस्थानों में से एक है। उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में, रोगी देखभाल अवसंरचना के निर्माण के लिए एम्‍स में दो हजार आठ सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में एम्स की संख्या सात से बढ़कर 23 हो गई है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी लगभग 390 से बढ़कर 825 हो गई है। श्री नड्डा ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर एक लाख 25 हजार से अधिक हो गई है और अगले दो से तीन वर्षों में 75 हजार और सीटें बढ़ाई जाएंगी।

एम्स को नैदानिक ​​अनुसंधान, सर्जरी और तकनीकी नवाचार में अग्रणी बताते हुए श्री नड्डा ने बताया कि मातृ एवं शिशु देखभाल ब्लॉक, नया ओपीडी ब्लॉक, बर्न और प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक, राष्ट्रीय वृद्धावस्था केंद्र और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान सहित कई प्रमुख सुविधाएं स्थापित की गई हैं।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर-स्पेशलिटी, डॉक्टरेट, नर्सिंग और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को कुल 523 उपाधियां भी प्रदान की गईं।