ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिन की बैठक नई दिल्ली में चल रही है। इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री डॉ० सुब्रह्मणयम जयशंकर कर रहे हैं। बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री तथा सदस्य और भागीदार देशों के शिष्टमंडल प्रमुख भाग ले रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्ष का विषय है- लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण। यह विषय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता प्रथम और जनकेंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है।
इस अवसर विदेश मंत्री डॉ० एस जयशंकर ने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इस जटिल और अनिश्चित दुनिया में चर्चाओं को समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। डॉ. जयशंकर ने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और इसका उपयोग सुशासन तथा समावेशी विकास के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने को लेकर भी साझा हित जुडे हैं।
डॉ० जयशंकर ने कहा कि भागीदार देशों को उनकी उपस्थिति और सहयोग मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंन कहा कि सभी सहभागी और सदस्य देश द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय बातचीत के जरिये नियमित रूप से संपर्क में हैं। डॉ० जयशंकर ने कहा कि आज की बैठक अपने विचार साझा करने और विचारों पर सहमति विकसित करने के लिए मंच प्रदान करेगी।
डॉ० जयशंकर ने कहा कि चल रहे संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितताएं और व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन से जुडी चुनौतियां वैश्विक परिदृश्य को बदल रही हैं और ऐसी उम्मीद बढ रही है कि ब्रिक्स इसमें सार्थक तथा स्थिरता लाने वाली भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि कई देश ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में चुनौतियों को सामना कर रहे हैं तथा ब्रिक्स संगठन इस स्थिति से और कारगर ढंग से निपटने में मदद कर सकता है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपने विचार साझा करने और सार्थक परिणाम में योगदान देने को कहा।
बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य लोग भाग ले रहे हैं। बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री वैश्विक और आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। वे आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
कल दूसरे दिन, ब्रिक्स संगठन के सदस्य और साझेदार देश ब्रिक्स@20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निमार्ण विषय पर एक विशेष सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार पर चर्चा की जाएगी।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक सितंबर-2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान हुई थी।