नवम्बर 20, 2025 8:40 अपराह्न नवम्बर 20, 2025 8:40 अपराह्न

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डीआरडीओ तथा फ्रांस के डीजीए ने रक्षा अनुसंधान और विकास में सहयोग को प्रगाढ़ बनाने संबंधी तकनीकी समझौते पर हस्‍ताक्षर किए

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन - डीआरडीओ तथा फ्रांस के रक्षा उपकरण महानिदेशालय-डीजीए ने आज रक्षा अनुसंधान और विकास में सहयोग को प्रगाढ़ बनाने संबंधी तकनीकी समझौते पर हस्‍ताक्षर किए।   रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस सामरिक साझेदारी का उद्देश्‍य भविष्‍य की रक्षा चुनौतियों के लिए नवाचारी समाधान विकसित करने सम्‍बंधी दोनों देशों के संयुक्‍त कौशल और संसाधनों का लाभ उठाना है।     डीआरडीओ के अध्‍यक्ष डॉ० समीर वी० कामत और फ्रांस के रक्षा उपकरण महानिदेशालय के लेफ्टि‍नेंट जनरल गेल डियाज़ डी तुएस्टा ने न...

अप्रैल 13, 2025 8:50 अपराह्न अप्रैल 13, 2025 8:50 अपराह्न

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भारत ने फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट, मिसाइल और स्वार्म ड्रोन को मार गिराने की क्षमता हासिल की

भारत ने 30 किलोवाट की लेजर आधारित हथियार प्रणाली का उपयोग करके, फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट, मिसाइल और स्वार्म ड्रोन को मार गिराने की क्षमता हासिल कर ली है। इसके साथ ही वह अमरीका, चीन और रूस सहित उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास यह क्षमता है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- डी आर डी ओ के प्रमुख केंद्र, सेंटर फॉर हाई एनर्जी सिस्टम्स एंड साइंसेज, हैदराबाद ने आज आंध्र प्रदेश के कुरनूल में वाहन पर लगे लेजर निर्देशित हथियार डी.ई.डब्ल्यू. एम.के.-दो (ए) के भूमि संस्करण का सफल क्षेत्र प्रदर्शन...

दिसम्बर 30, 2024 9:19 अपराह्न दिसम्बर 30, 2024 9:19 अपराह्न

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रक्षा मंत्रालय ने दो हजार 867 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर किए हस्ताक्षर

रक्षा मंत्रालय ने आज दो हजार 867 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। ये अनुबंध रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन- डीआरडीओ की एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन- एआईपी प्लग के निर्माण और भारतीय पनडुब्बियों से इसे जोडने तथा कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों को इलेक्ट्रॉनिक हैवी वेट टॉरपीडो- ईएचडब्ल्यूटी से जोडने के लिए किए गए हैं। दोनों अनुबंधों पर नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि एआईपी प्लग के निर्माण का अनुबंध मुंबई के मझगांव...

अक्टूबर 5, 2024 7:39 अपराह्न अक्टूबर 5, 2024 7:39 अपराह्न

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डीआरडीओ ने राजस्‍थान के पोखरन फील्‍ड फायरिंग रेन्‍ज में कम दूरी की चौथी पीढी की हवाई रक्षा प्रणाली- तीन सफल उडान परीक्षण किए हैं

डीआरडीओ ने राजस्‍थान के पोखरन फील्‍ड फायरिंग रेन्‍ज में कम दूरी की चौथी पीढी की हवाई रक्षा प्रणाली- वीएसएचओआरएडीएस के तीन सफल उडान परीक्षण किए हैं       रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन - डीआरडीओ ने राजस्‍थान के पोखरन फील्‍ड फायरिंग रेन्‍ज में कम दूरी की चौथी पीढी की हवाई रक्षा प्रणाली- वीएसएचओआरएडीएस के तीन सफल उडान परीक्षण किए हैं। ये परीक्षण पिछले दो दिन में अत्‍यधिक तीव्र गति के लक्ष्‍यों पर किए गए हैं। इन परीक्षणों में अत्‍यधिक दूरी के बहुत कठिन मानदंडो तथा अत्‍यधिक ऊंचाई के इंटरसेप्‍शन का प्र...

अगस्त 14, 2024 8:45 पूर्वाह्न अगस्त 14, 2024 8:45 पूर्वाह्न

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डीआरडीओ ने अपनी पहली लंबी दूरी तक मार करने वाली ग्‍लाईड बम फलाईट-गौरव का किया सफल परीक्षण

  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन-डीआरडीओ ने वायु सेना के सुखोई-30 मार्क-1 लडाकू विमान द्वारा अपनी पहली लंबी दूरी तक मार करने वाली ग्‍लाईड बम फलाईट-गौरव का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह परीक्षण ओडिशा तट से किया गया। गौरव, हवा में लम्‍बी दूरी तक मार करने वाला एक हजार किलोग्राम श्रेणी का ग्‍लाईड बम है। इसे हैदराबाद के अनुसंधान केंद्र-इमारत द्वारा स्‍वदेशी में निर्मित और विकसित किया गया है। परीक्षण के दौरान ग्‍लाईड बम ने लांग व्‍हीलर द्वीप पर स्थित लक्ष्‍य को सटीकता के साथ भेद दिया...

जुलाई 12, 2024 11:09 पूर्वाह्न जुलाई 12, 2024 11:09 पूर्वाह्न

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सशस्त्र बलों और एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों की आवश्यकताओं के लिए डीआरडीओ ने सात नई परियोजनाएं मंजूर की

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सशस्त्र बलों और एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों की विभिन्न आवश्यकताओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास कोष योजना के अंतर्गत उद्योगों को सात नई परियोजनाएं दी हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन परियोजनाओं की मंजूरी उद्योगों को विकसित करने विशेषकर रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा स्‍टार्टअप्‍स में डीआरडीओ के सतत प्रयासों का एक प्रमाण है।      मंजूर की गई परियोजनाओं में विमान के लिए आइस डिटेक्शन सेंसर का विकास, पानी के भीतर...

जून 27, 2024 1:14 अपराह्न जून 27, 2024 1:14 अपराह्न

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डीआरडीओ ने मध्‍यम दूरी का माइक्रोवेव ऑब्‍सक्‍यूरेंट शाफ रॉकेट भारतीय नौसेना को सौंपा

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कल नई दिल्‍ली में आयोजित एक समारोह में मध्‍यम दूरी का माइक्रोवेव ऑब्‍सक्‍यूरेंट शाफ रॉकेट (एमआर-एमओसीआर) भारतीय नौसेना को सौंपा। माइक्रोवेव ऑब्‍सक्‍यूरेंट शाफ एक विशिष्‍ट प्रौद्योगिकी है जिसे डीआरडीओ की जोधपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला ने विकसित किया है।   यह रडार एक माइक्रोवेव ढाल बनाता है, और रडार की खोजबीन को कम कर देता है। मध्यम दूरी के चैफ रॉकेट में विशेष प्रकार के रेशों का संयोजन किया गया है। इस रॉकेट को जब अंतरिक्ष में छोड़ा जाता है तो यह दिखाई...