केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के माध्यम से सरकार मातृभाषा, भारतीय ज्ञान परंपराओं और ए.आई संचालित शिक्षा पर आधारित अनुसंधान और नवाचार को निरंतर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देश विश्वास, समाधान और नेतृत्व की अपेक्षाओं के साथ आज भारत की ओर देख रहे हैं। श्री प्रधान ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद-आई.सी.एस.एस.आर के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोल रहे थे। आई.सी.एस.एस.आर की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन भारतीय परिप्रेक्ष्य में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश एक समग्र समाज की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के आत्मगौरव, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अटूट राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों को भारत के हजार वर्षों के इतिहास, संघर्षों और सांस्कृतिक चेतना से प्रेरणा लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा।