अप्रैल 27, 2026 9:16 अपराह्न

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच नई दिल्‍ली में मुक्‍त व्‍यापार समझौते पर हस्‍ताक्षर

भारत और न्यूजीलैंड ने आज नई दिल्ली में मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने की। पिछले वर्ष दिसंबर में अंतिम रूप दिए गए समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात को सभी टैरिफ लाइनों पर शतप्रतिशत शुल्क-मुक्त किया गया। यह समझौता सेवाओं, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पारंपरिक चिकित्सा और निवेश के क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित करता है। इसके अंतर्गत न्यूजीलैंड की 20 अरब डॉलर की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता देश भर में औद्योगिक विकास, नवाचार, अवसंरचना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी। समझौते के अंतर्गत भारत ने डेयरी, कृषि और रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों में अपने मूल हितों की भी दृढ़ता से रक्षा की है।

इस अवसर पर श्री गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा। श्री मोदी ने कहा है कि न्यूजीलैंड के साथ समझौता देश की वैश्विक भागीदारी और साझा समृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। श्री मोदी ने कहा कि यह दो जीवंत लोकतंत्रों के बीच आर्थिक साझेदारी, मूल्यों, विश्वास और साझा महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि मुक्त व्यापार समझौता किसानों, कारीगरों, युवाओं, उद्यमियों और लघु तथा मध्यम उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित करता है। इससे वैश्विक बाजार तक पहुंच और सभी क्षेत्रों में उद्यमशीलता के मार्ग खुलते हैं।

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का संदेश भी पढ़ा। श्री लक्सन ने कहा कि भारत विश्व की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड के बाजार में विविधता लाने में मदद करेगा। इससे 10 वर्षों में निर्यात दोगुना करने के लक्ष्य को मदद मिलेगी।

समारोह में श्री गोयल ने कहा कि यह समझौता रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि यह गहरे विश्वास और साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर विकसित देशों के साथ भारत के संबंधों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत के विकसित राष्ट्र बनने के सपने को साकार करेगा। श्री गोयल ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में यह सातवां मुक्त व्यापार समझौता है। यूरोपीय संघ और अमरीका के साथ अगले कुछ महीनों में दो और समझौते किए जाने हैं।

 श्री मैक्ले ने कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारत में नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि समझौते से हजारों रोजगार सृजित होंगे और न्यूजीलैंड के विश्व स्तरीय निर्यातकों के लिए अपार संभावनाएं खुलेंगी। श्री मैक्ले ने कहा कि इससे व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और नई साझेदारियों के विकास में तेजी आएगी। इससे आर्थिक जुड़ाव में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और दोनों देशों को लाभ होगा।

इससे पहले सुबह भारत-न्यूजीलैंड व्यापार मंच में श्री गोयल ने कहा कि एफटीए दोनों देशों के बीच साझा विश्वास को दर्शाता है और द्विपक्षीय आर्थिक व्यापार को दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों में व्यवसायों के लिए नए अवसर सृजित करेगा, मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा और आर्थिक साझेदारियों को और बढ़ाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि यह समझौता व्यापार, पर्यटन, अनुसंधान और विकास, शिक्षा, नवाचार और सेवा क्षेत्र को लाभ पहुंचाकर किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नवप्रवर्तकों के लिए विभिन्न अवसर सृजित करेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि यह समझौता आधुनिक कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देगा, सुव्यवस्थित निर्यात के माध्यम से इस क्षेत्र में भारतीय व्यवसायों के लिए द्वार खोलेगा और युवाओं को वैश्विक मंच पर सीखने, काम करने और आगे बढ़ने के विकल्प प्रदान करेगा।