शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कौशल आधारित शिक्षा प्रणाली को आवश्यक बताते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक मजबूत ऋण प्रणाली विकसित करने पर बल दिया है। नई दिल्ली में आज भारतीय उद्योग परिसंघ- सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि छात्रों को अधिक सहायता और अवसर प्रदान करने के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप को भी ऋण ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।
केन्द्रीय मंत्री ने भारत की शिक्षा प्रणाली को विश्व की सबसे मजबूत शिक्षा प्रणाली बताया। उन्होंने कहा कि देश में 10 लाख सरकारी स्कूलों सहित लगभग 15 लाख स्कूल हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर शिक्षा पर देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग चार प्रतिशत खर्च कर रही हैं।