सरकार ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा कर दी है। देशभर से चुनी गई 42 पंचायतों को ये पुरस्कार दिए जाएंगे। पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह 3 जून को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, कर्नाटक ने सबसे अधिक पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जहां छह पंचायतों को चुना गया है। इसके बाद आंध्र प्रदेश और ओडिशा का स्थान रहा, जहां प्रत्येक को पांच-पांच पुरस्कार मिले हैं।
ये पुरस्कार दो श्रेणियों, दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार और नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार के अंतर्गत दिए जा रहे हैं। दीन दयाल उपाध्याय पुरस्कार सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विभिन्न विषयों, जैसे गरीबी मुक्त आजीविका, स्वास्थ्य, जल पर्याप्तता, स्वच्छता, महिला-हितैषी शासन और सामाजिक न्याय, में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को मान्यता देता है। इस श्रेणी में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 34 ग्राम पंचायतों को चुना गया है।
वहीं, नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को दिए जाएंगे। इस श्रेणी में आठ पंचायतों का चयन किया गया है, जिनमें तीन जिला पंचायतें, दो ब्लॉक पंचायतें और तीन ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि विजेता पंचायतों को श्रेणी और स्तर के आधार पर 50 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होगा। ये पुरस्कार राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत दिए जा रहे हैं।
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष यह पुरस्कार दिए जाते हैं। इनका उद्देश्य पंचायतों को स्थानीय शासन, सेवा वितरण में सुधार करने और सामुदायिक नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से सतत विकास की दिशा में प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित करना है।