उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज कहा कि जम्मू-कश्मीर में एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की अपार क्षमता है। उपराष्ट्रपति ने यह बात नई दिल्ली में जम्मू-कश्मीर के 250 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान कही। यह युवा प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित वतन को जानो कार्यक्रम में भाग ले रहा है।
इस अवसर पर, श्री राधाकृष्णन ने प्रतिनिधिमंडल से अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और जम्मू-कश्मीर को सद्भाव, विकास और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का प्रतीक बनाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों के साथ, प्रत्येक युवा एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और समावेशी भविष्य का निर्माता बनने की क्षमता रखता है। उपराष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम द्वारा पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा में महिलाओं का नेतृत्व और युवा क्रिकेटरों की खेल संबंधी उपलब्धियां जम्मू-कश्मीर के युवाओं द्वारा भविष्य को आकार देने की दिशा में किए जा रहे प्रगतिशील कार्यों को दर्शाती हैं। उपराष्ट्रपति ने युवा प्रतिभागियों से आत्मविश्वास से भरे रहने, आत्म-विश्वास रखने और विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने पर गर्व करने का आह्वान किया।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं की आकांक्षाएं बढ़ी हैं और कई युवा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पिछले एक दशक में राज्य में हुए विकासात्मक परिवर्तनों को भी याद किया।