लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते भारतीय युवाओं को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता और नीति-निर्माण की आवश्यकता है। उन्होंने इस संबंध में समाज और राष्ट्र के समग्र विकास में सामाजिक संगठनों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
हरियाणा के गुरुग्राम में एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि युवाओं में बदलाव का जुनून, भविष्य को आकार देने की क्षमता और राष्ट्र निर्माण का उत्साह है। श्री बिड़ला ने कहा कि युवा केवल नौकरी चाहने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं।
भारतीय लोकतंत्र की मज़बूती के बारे में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र केवल स्वतंत्रता के बाद की घटना नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की कार्य संस्कृति, व्यवहार, आध्यात्मिक मान्यताओं और समाज के सामूहिक कल्याण में गहराई से समाया हुआ है।
श्री बिड़ला ने कहा कि स्वतंत्रता के समय, कई देशों का मानना था कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राष्ट्र में लोकतंत्र सफल नहीं होगा, लेकिन भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र में सदैव ही संकट के समय विचार-विमर्श, सामाजिक प्रयास और सामूहिक संकल्प की संस्कृति रही है, जो राष्ट्र को चुनौतियों का मिलकर सामना करने में सक्षम बनाती है।