पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी द्वारा अल कादिर ट्रस्ट मामले में अपनी सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर आज पाकिस्तान के उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। पिछले साल जनवरी में इस्लामाबाद की एक जवाबदेही अदालत ने 73 वर्षीय इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को सात साल की सजा सुनाई थी। यह मामला पाकिस्तान की भ्रष्टाचार विरोधी संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो- एनएबी द्वारा चलाया गया था। दंपति ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी है। सुनवाई पहले 22 अप्रैल को होनी थी, लेकिन ईरान-अमेरिका वार्ता के मद्देनजर रेड ज़ोन बंद होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था।
19 करोड़ पाउंड का यह मामला अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े आरोपों से संबंधित है। यह एक कल्याणकारी संस्था है जो इस्लामाबाद के बाहर एक विश्वविद्यालय चलाती है। आरोप है कि इस ट्रस्ट का इस्तेमाल एक रियल एस्टेट व्यवसायी से करोड़ों डॉलर की जमीन प्राप्त करने के लिए किया गया था। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अनुसार, इमरान खान सरकार ने ब्रिटेन से वापस लाए गए धन को सरकारी खज़ाने में जमा करने के बजाय उस व्यवसायी के जुर्माने का भुगतान करने के लिए किया। इमरान खान ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि न तो उन्हें और न ही उनकी पत्नी को ट्रस्ट या संबंधित लेन-देन से कोई वित्तीय लाभ मिला है।