चार राज्यों और एक केन्द्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मतों की गिनती जारी है। असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए ने लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए ऐतिहासिक जीत हासिल की है। केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 99 सीटों के साथ सबसे आगे है और सत्ता में वापसी के लिए उसने निर्णायक बढत बना ली है। पश्चिम बंगाल में भाजपा बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टी.वी.के. ने बहुत बड़ा उलटफेर किया है। पुद्दुचेरी में ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के एन. रंगासामी के नेतृत्व में फिर एनडीए सरकार बनने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी विशाल बहुमत के साथ सरकार बनाकर इतिहास रचने जा रही है। स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। तृणमूल कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो रही है। 293 विधानसभा सीटों के रुझान और परिणाम मिल चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी को 204 सीटों पर बढत मिली है इनमें से वह 113 सीटे जीत चुकी है। तृणमूल कांग्रेस 83 सीटों पर बढत बनाए हुए है और इनमें से 46 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई है। वाम दल को एक सीट मिली है और एक सीट पर आगे हैं। अन्य को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई है और एक पर आगे है। मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से आगे चल रही हैं। नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी आगे हैं। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायू कबीर नवादा और रेजीनगर सीट पर आगे हैं।
असम में सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। विधानसभा की 126 सीटों में से भाजपा और उसके सहयोगी दल 101 सीट बढत बनाए हुए हैं इनमें से वो 97 सीटों जीत हासिल कर चुके हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस को 22 सीटों पर बढत मिली है और इनमें से वह 15 सीटे जीत चुकी है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को दो सीटें मिली हैं।
भारतीय जनता पार्टी के हितेन्द्र नाथ गोस्वामी ने जोरहाट सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को हरा दिया है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय के नेतृत्व में तमिलगा वेत्री कडगम- टी.वी.के. सबसे बडी पार्टी के रूप में उभरकर इतिहास रचने जा रही है। टी.वी.के. 108 सीटों पर आगे है और इनमें से वह 65 सीटे जीत चुकी है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में सत्तारूढ डीएमके और उसके सहयोगी दल 74 सीटों पर आगे हैं और इनमें से वह 29 सीट जीत चुके हैं। एआईएडीएमके और उसके सहयोगी दल 52 सीटों पर बढत बनाए हुए हैं और इनमें से वह 26 सीटे जीत चुके हैं। पी.एम.के 5 सीटों पर बढत बनाए हुए है। कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है और भारतीय जनता पार्टी एक सीट पर आगे चल रही है।