संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही 28 जनवरी से शुरू हुए बजट सत्र का समापन हो गया। लोकसभा में अपने समापन भाषण में अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि बजट सत्र के दौरान 93 प्रतिशत कामकाज हुआ। उन्होंने कहा कि सदन की कुल 31 बैठकें हुईं। श्री बिरला ने बताया कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 9 विधेयक पारित किए गए। इसमें वित्त विधेयक 2026, दिवालियापन और दिवालिया संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026, जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।
राज्यसभा में अपने समापन भाषण में सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि कुल मिलाकर सदन 157 घंटे से अधिक समय तक चला और लगभग 110 प्रतिशत कामकाज हुआ। उन्होंने कहा कि संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व है क्योंकि यह न केवल तीनों सत्रों में सबसे लंबा होता है बल्कि राष्ट्र के विकास पथ को निर्धारित करने में भी सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सदन में हुई चर्चाओं को समृद्ध करने वाले सदस्यों के बहुमूल्य विचारों की सराहना की। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि इस सत्र में मनोनीत सदस्य हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए।
सभापति ने बताया कि सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत के सामने, विशेष रूप से ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में आ रही चुनौतियों पर बयान दिया। श्री मोदी ने बदलती स्थिति को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया और इससे निपटने के लिए राष्ट्र के सामूहिक संकल्प की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सदन ने भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री तथा पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री द्वारा दिए गए बयानों पर भी गौर किया।